Vastu Tips : परिवार में रोज होते हैं झगड़े, कहीं ये कारण तो नहीं

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प्रत्येक व्यक्ति चाहता है कि उसके परिवार में सुख-शांति बनी रहे। परिवार के सभी सदस्य आपस में मिलजुलकर रहें और उनके बीच प्रेम बना रहे, लेकिन कई परिवारों में ऐसा हो नहीं पाता। किसी न किसी बात को लेकर पारिवारिक सदस्यों में मनमुटाव बना ही रहता है। यदि आपके परिवार में भी ऐसा ही कुछ चल रहा है तो इसका कारण वास्तु दोष भी हो सकता है। वास्तुशास्त्र का मूल आधार दिशाएं होता है। यह बताता है कि आपका घर कैसा बनाया जाए। वास्तु शास्त्र में उत्तर और पूर्व को दैवीय दिशाएं माना गया है और इनके मध्य की दिशा ईशान कोण कहलाती है। इन तीनों दिशाओं को साफ-स्वच्छ, खुली और हवादार रखना चाहिए। इन दिशाओं की दीवारों पर लाल और पिंक रंग कभी न करें। पुराने समाचार पत्र, डस्टबिन, भारी वस्तुएं, विद्युतीय उपकरण इस दिशा में बिलकुल नहीं होना चाहिए। टॉयलेट और किचन भी इन दिशाओं में न हो। यदि ऐसा कर रखा है तो मानसिक तनाव बना रहेगा।

पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा में बेडरूम नहीं होना चाहिए। इससे आप भावनात्मक रूप से दबाव महसूस करते रहेंगे। किसी काम में मन नहीं लगेगा। सिर भारी रहेगा और अजीब का तनाव महसूस होगा। मन में नकारात्मक विचार आएंगे। दांपत्य जीवन में भी इस दिशा का बेडरूम तनाव पैदा करता है।घर का मुख्य दरवाजा आग्नेय कोण यानी दक्षिण-पूर्व दिशा में कभी न रखें। इससे परिवार में बेवजह की परेशानी, तनाव, झगड़े बने रहेंगे। घर का उत्तर-पश्चिमी कोना यानी वायव्य कोण बढ़ा हुआ नहीं होना चाहिए। ऐसा होने से उस घर में रहने वाले बच्चों का मन पढ़ाई में नहीं लगता। वे पढ़ाई को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं और इसका असर उनके रिजल्ट पर होता है। दिमागी शांति के लिए अच्छी नींद होना जरूरी है। इसलिए यदि सोते समय आपका सिर उत्तर या पश्चिम दिशा में रहता है तो इसे तुरंत बदलें। सोते समय सिर दक्षिण दिशा में हो तो बेहतर है।

  • उत्तर या पूर्व दिशा में ओम या स्वस्तिक का चिन्ह लगाएं। इससे घर में सकारात्मक उर्जा का प्रवाह होगा और मानसिक तनाव से छुटकारा मिलेगा। दिमाग के ब्लॉकेज खुलेंगे।
  • घर की पूर्वी दिशा में स्थित खिड़की या दरवाजा जहां सुबह सूरज की रोशनी आती हो, वहां एक क्रिस्टल बॉल रखें। धूप क्रिस्टल बॉल पर पड़ना चाहिए। इससे पूरे घर में सकारात्मक उर्जा का प्रवाह होगा।
  • भारी और विद्युतीय उपकरण, वॉशिंग मशीन, फ्रिज आदि आग्नेय कोण या दक्षिण दिशा में रखें।
  • दक्षिणी दीवार को लाल, कत्थई रंग में रंगें।
  • दक्षिण दिशा में एक लाल बल्ब लगाएं।
  • पूरे घर को साफ-स्वच्छ रखें।
  • सुगंधित धूप-अगरबत्ती प्रतिदिन लगाएं।
  • ताजे, खुशबूदार फूल प्रतिदिन गुलदस्ते में लगाएं।

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